यंत्र

गले में धारण होने वाले यंत्र (लॉकेट)

सर्वार्थ सिद्धि यंत्र
रोग निवारण यंत्र
सकल सौभाग्यकर यंत्र
ऋण विमोचन यंत्र
अष्ट सिद्धिकर यंत्र
सकल कार्य साधक
संतान प्राप्ति यंत्र
विद्या बुद्धि कवित्व यंत्र
संकट निवारण यंत्र
सर्व रक्षाकर यंत्र



सभी प्राचीन संस्कृतियां, संबधित देवी-देवताओं की पवित्र रेखागणिय डिजाइन का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें इन रेखागणिय डिजाइन से मेल खाते मंत्र (या पवित्र ध्वनि कंपन) है। वैदिक संस्कृति में, हम बहुत शक्ति और ऊर्जा इन पवित्र ज्यामितीय प्रतीकों के भीतर पाते थे, वही शक्ति व ऊर्जा इन पवित्र ज्यामितीय यंत्रों में भी दी गई है। यह यंत्र कोई "लकी चार्म" नहीं है जो सिर्फ आकर्षित करने या आइकन(शक्ति प्रतीमा) के तौर पर दिखावे के लिए प्रदर्शित किया जाए। जिस तरह अधिक विशिष्ट ज्ञान और क्षमता इन्हें बनाने के लिए बेहद जरूरी है, उसी तरह अधिक समर्पण और पूजा भी जरूरी है इच्छुत प्रभाव को पाने के लिए।

यंत्र का अर्थ है "ताबीज़" या "कवच" जो अगर किसी योग्य व्यक्ति द्वारा अच्छी तरह से बनवाया जाए, जिसमें वह अपने विशिष्ट निर्देशों का उपयोग करें ताकि उपयोगी परिणाम मिले तथा इच्छित वस्तु या आकांक्षा को पाने में मदद करे। हालांकि यन्त्र के रूप को कॉपी करना (नकल करना) ज्यादातर ज्योतिषों के लिए मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसके बाद उसमें इच्छुत प्रभाव नहीं रहेगा। इसके अतिरिक्त यह सच है कि यदि योग्यता प्राप्त व्यक्ति द्वारा इसे न बनवाया जाए तो यह व्यर्थ है। क्योंकि फिर इसमें व्याप्त शक्ति "मंत्र" के माध्यम से आप तक लाभ नहीं पहँचा पाएगी, जिससे आपके जीवन में कोई परिवर्तन नहीं होगा। जिससे की यह सिर्फ मात्र एक आकर्षित वस्तु की तरह रह जाएगी क्योंकि फिर इससे आपको कोई असल परिणाम नहीं मिल पाएगा, और आपके जीवन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।

यंत्र हमेशा एक स्तर पर प्रयोग किया जाना चाहिए, अगर यह पेपर पर चित्रित किया जा रहा है तो यह लाल, संतरी, पीला या इन्हीं से मिलते-जुलते रंगों से होना चाहिए। बीजा मंत्र के बिना यंत्र बेकार है। यह जरूरत के हिसाब से किसी भी आकार में तैयार किया जा सकता है। यह खम्बे की चौकी या चौकी की सतह पर रखा जाना चाहिए, यंत्र को पहले "प्रानाप्रतिष्टा" देना चाहिए उसके बाद ही यह पूजा के अनुकूल होता है। यंत्र आपके जीवन के हर क्षेत्र में आवश्यक है, आपके पेशे में सफलता पाने के लिए, धन प्राप्ति के लिए, अदालत के मामलों में जीतने के लिए, रोगों से निजात और ध्यान में प्रगति के लिए। यंत्र रखे तथा यह यंत्र अपने घर में एक पवित्र जगह पर रखे, इसे हर रोज देखें ताकि यह आपकी इच्छाओं को पूरा करने और आपके लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सके।

यहाँ विभिन्न उद्देश्यों के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के यंत्र हैं। जो आपके व्यवसाय में सफलता पाने के लिए मदद कर सकते हैं, व्यक्ति को अपने नियंत्रण में लाने के लिए, और धन एंव समृद्धि लाने में भी सहायता कर सकते है। यह यंत्र उपयोग करने से पहले शुद्ध और सक्रिय होने चाहिए। महा शिवरात्रि, होली और दीवाली की रात के दौरान सक्रिय यंत्र सबसे प्रभावी और शक्तिशाली होते है। आम तौर पर संबंधित मंत्रों को यंत्र की उपस्थिति में जल्दी परिणामों के लिए भी बोला जाता हैं।

यंत्र को रोज़ाना सुबह देखना शुभ होता है, और रोज़ाना सुबह यंत्र से पहले धूप या घी का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करके सफलता और धन दोनों से आप धन्य होते है। हम प्राण प्रतिष्टा (पूजा करके प्रेरित या प्रदर्शन करना) के बाद ही इन यंत्र भेजतें है।